जनसेवा के चोले में प्रधानजी, हो रहे खूब मालामाल, समस्याओं की चपेट में ग्रामवासी.!!

गांव-समाज में कर्मठ प्रधान भी चोला ओढ़कर जनसेवा के नाम पर मालामाल हो रहे हैं लेकिन ग्राम वासियों को समस्याओं से निजात नहीं मिल पा रही है. ऐसे में बवाल-बवंडर उठना कोई नई बात नहीं है।
जगजाहिर है कि सरकार ने सभी योजनाओं को, शिक्षा, राशनकार्ड तथा अन्य सभी कागजात में आधार कार्ड की अनिवार्यता कर दी है, जिससे लोगों को आधार कार्ड बनवाना बहुत ही जरूरी है. कुछ मामलों में लोगों के पता, नाम, जन्मतिथि में संशोधन अथवा मोबाइल नंबर अपडेट कराने जैसे कई समस्याएं हैं. लोग अपने आधार को सही कराने के लिए जहां भी आधार कार्ड बनाया जा रहा है अथवा संशोधन किया जा रहा है, वहां पहुंच रहे हैं. हर जगह काफी भीड़ भी देखने को मिल रही है. इतना ही नहीं बल्कि आधार कार्ड बनाने और संशोधन के नाम पर मनमानी वसूली हो रही है और आधार कार्ड बनवाने गया व्यक्ति थकहार मुंहमांगा शुल्क दे रहा है। फिलहाल जनपद के जिम्मेदार लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
यहां भी है यह हाल – औराई पोस्ट आफिस में जब लोग आधार कार्ड बनवाने जाते है, तो वहां पर कर्मचारियों की कमी की वजह से नाममात्र के लोगों का आधार कार्ड बनाया जा रहा हैं. जबकि पांच से दस वर्ष के बच्चों का आधार कार्ड नही बन रहा है. यूनियन बैंक और तहसील मोड़ पर स्थित एक बैंक में भी आधार कार्ड बनाने की बात की जा रही है लेकिन वृहस्तिवार को कई लोग बैरंग वापस लौट गये. एक लापरवाही और देखने को मिली कि आधार कार्ड बनाने में दिक्कत होने पर कोई सूचना भी बैंक के सूचना पट्ट या मुख्य द्वार पर नही लगाया गया है. औराई क्षेत्र के घोसियां में स्थित बीआरसी पर आधार कार्ड बन रहा है लेकिन वहां पर मनमानी वसूली की जा रही है. औराई क्षेत्र के द्वारिकापुर से आई एक महिला को बीआरसी भेजा गया था कि जाकर अपने बच्चे का निःशुल्क आधार कार्ड बनवा लें. बीआरसी जाने पर महिला से भी शुल्क लिया गया. ऐसे ही न जाने कितने लोग है, जो इस मनमानी का शिकार हो रहे है. इस तरह की लापरवाही और मनमानी पर रोक लगाना बहुत ही जरूरी है।