किसे लगेगी इनकी हत्यारी..?? यहां ‘खरी-भूसी’ भी खा रहे भ्रष्ट अधिकारी व भ्रष्टाचारी.!! यह सवाल भदोही जनपद के गौरंक्षकों की जहॅन निरंतर घूमता रहा है. चूंकि सरकार ‘भगवाधारी’ रही और यह गौशाला योजना काफी हितकारी…..अब तो आलम् यह है कि मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) के निर्देश के बाद भी खुले आसमान के निचे’  गौशाला गृह’ में गौमाता-गौवंश रखे गए हैं, जिससे कंपकंपाती ठंड में कांप रहे हैं….

सरकार के निर्देश के बाद भी जिम्मेदारों ने गौशाला की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की है. विकासखंड औराई के भैदपुर गौशाला में भाजपा की योगी सरकार ने गौवंशो को संरक्षण देने का जो बीड़ा उठाया, वह भी अदूरदर्षिता के चलते असफल साबित हो रहा है. औराई विकास खंड क्षेत्र के ग्राम सभा भैदपुर में सरकार द्वारा खोले गये गौशाला में पल रही गाय सुरक्षित नहीं रह गयी हैं और योगी सरकार की ‘गौशाला’ मौतशाला बन कर रह गयी है. पशु डाक्टरों द्वारा कमजोर और बीमार पशुओं का इलाज भी किया जा रहा है लेकिन चारा-पानी के अभाव में कंपकपाती ठंड में गौशाला में छज्जा न होने से गायें दम तोड़ रही है. सुत्रों के अनुसार इस मौत के आकड़ो को छिपाने के लिए गौशाला की देखरेख में लगे लोग, मरी गाय के शव को गुपचुप तरीके से बाहर फेंककर या उसी जगह में दफना रहे है. गौशाला में गाय की मौत होने के बाद जमीन खोदकर जमीन के अन्दर गाय के शव को दफन कर दिया जाता है।
क्षेत्र में ऐसी चर्चा है कि विकासखंड औराई के ग्राम सभा भैदपुर गांव में बने गौशाला के अन्दर कई दर्जनों गोवंश दफन किये जा चुके है. लेकिन इस सच्चाई के आकडे को स्वीकार करके सरकार तक सच्चाई पहुचानें के बजाय योजना से जुड़े जिम्मेदार योगी सरकार को झूठी रिपोर्ट भेजकर गुमराह करने पर तुले रहे हैं. गौशाला में पशुओं के रहने के लिए बन्द जगह की व्यवस्थायें नही हो सकी हैं. कंपकंपाती ठंड के साथ साथ शीतलहर में भी गौवंश खुले आसमान के नीचे पड़े है, जिससे ठंड में कांप रहे हैं और ठंड लग जाने के चलते गौवशों की मौत हो रही है. जगजाहिर है कि अभी तक पशुओं के रहने के लिए छावनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो सकी है।
खरी-भूसी भी खा रहे भ्रष्ट अधिकारीसरकार द्वारा प्रति पशु राशन-चारा के लिए 30 रूपया प्रतिदिन दिया जा रहा है और इस रकम कुछ भ्रष्ट अधिकारी व भ्रष्टाचारी कमीशन वसूल रहे हैं या यूं कहिए कि खरी-भूसी खा रहे…..जिससे शेष बची रकम से पशुओं को भरपेट चारा भी नहीं मिल पाता है. एक तरफ जहां चारा-दाना के अभाव में गौवंशों का शरीर टूट रहा है, वहीं दूसरी तरफ जानकार पशु चिकित्सक भी यह बता रहे हैं कि कमजोर शरीर के चलते यह ठंड पशु नही झेल पाते और मौत हो जाती है. अव्यवस्था के शिकार गौवंश आश्रम के संचालकों के कारनामें की भी जांच कराए जाने की जरूरत है।