पूर्वांचल के बाहुबली विधायक विजय मिश्र व उनके रिश्तेदार में छिड़ी व्यापार बंटवारे मामले में एसटीएफ ने जहां दो लोगों को गिरफ्त में लिया है, वहीं पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया कि दोनों विधायक के लिए ही कई वर्षों से काम करते थे. आगे बताया कि विधायक ने ही ट्रकों और अन्य वाहनों को जबरन उठाकर लाने के लिए कहा था। 

मीडिया न्यूज के मुताबिक विधायक विजय मिश्र के करीबी दो लोगों को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की वाराणसी यूनिट की टीम ने शनिवार को भदोही जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी गिरधारी प्रसाद पाठक (निवासी महेरा थाना लालपुर जिला प्रयागराज) व हनुमान सेवक पांडेय (निवासी लालापुर प्रयागराज) फरार चल रहे थे। इस मामले की विवेचना एसटीएफ को मिल गई थी। शनिवार को सूचना मिलने पर एसटीएफ के निरीक्षक राघवेंद्र मिश्रा गोपीगंज क्षेत्र में पहुंचे और दोनों आरोपियों को औराई-मिर्जापुर रोड पर विजय मिश्र के क्रशर प्लांट मुजहरा से गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों के पास से छह डंपर, कुछ फर्जी रजिस्ट्रेशन पेपर, 34 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन आदि बरामद किए गए हैं।

 पुलिस के अनुसार, विधायक के रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी निवासी धनापुर कौलापुर ने गोपीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि विधायक और उनके करीबियों ने डरा धमकाकर जबरदस्ती 13 वाहन हड़प लिए। उसी आधार पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।