शनि की साढ़ेसाती शुरू हो चुंकी है, जो किसी राशि के लिए फायदेमंद तो किसी राशि के लिए नुकसानदायक है। लेकिन आपको घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बजरंगबली जो आपके साथ है। जी हां ये तो आप सभी जानते हैं कि शनि, बजरंग बली के दोस्त है औऱ उनके गुरू यानी सूर्य के पुत्र है। शनि बचपन से ही बेहद उद्दंड थे, लेकिन अपनी मां के प्रिय पुत्र थे। हनुमान व शनि की मित्रता की भले ही पौराणिक तथ्य कथायें भिन्न-भिन्न पढ़ी व सुनाई जाती है लेकिन धार्मिक पथमय यह तो पूर्ण स्पष्ट है कि शनि कभी बजरंग बली के भक्तों को परेशान नहीं करते है। साढ़ेसाती ‘छूमंतर’ करने के लिए हनुमानजी के शरणागत शनि के प्रकोप से बचने का अचूक उपाय बतौर निम्नवत मंत्रजाप से संभव है।

मंत्र व जाप विधि हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। लड्डू या बूंदी का प्रसाद चढाएं। इसके बाद हनुमान जी के इस मंत्र का कम से कम 108 बार पाठ करें और “ॐ मारकाय नमः” मंत्र का जाप करें। इसके बाद हनुमान जी को 9 बूंदी के लड्डू अर्पित करें। ऐसे करने से बजरंगबली अत्यधिक प्रसन्न होते हैं और शनि के अशुभ प्रकोप से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही किसी शांत स्थान पर आसन लगाकर बैठकर ॐ तेजसे नम:”, “ॐ प्रसन्नात्मने नम:”, “ॐ शूराय नम:”, “ॐ शान्ताय नम:”, “ॐ मारुतात्मजाय नमः”, “ॐ हं हनुमते नम: मंत्र का जाप भी शनि के प्रकोप से बचने के लिए अचूक कवच उपाय है।